पारंपरिक खेल का इतिहास काफी लंबा है। यह शुरुआत उन्नीसवीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान अस्तित्व में आया, जब श्रमिक अपनी उत्पादन के अंदाजा लगाने के लिए एक तरीका इस्तेमाल करते थे। आजकल, यह प्रथा भारत के कुछ हिस्सों में फिर भी लोकप्रिय है, यद्यपि यह स्वीकृत नहीं है और अवैध माना जाता है। इसके प्रक्र